सन् 1715 में जगदीशपुर पर राजपूत राजा देवरा चौहान का शासन था | इस्लामिक आक्रांता औरंगजेब का सैनिक अफगानी दोस्त मोहम्मद खान अफगानिस्तान से आया था उसने खुद को शरण देने वाले कई लोगों की हत्या की थी । यह जगदीशपुर को हथियाना चाहता था इसके लिए इसमें वहां हमला किया पर राजपूत राजा देवरा चौहान ने इसे बुरी तरह हरा दिया ।
इसके बाद उसने जगदीशपुर के राजा के आगे मित्रता का हाथ बढ़ाया, फिर उन्हें बेस नदी के किनारे भोज पर निमंत्रण दिया | राजा देवरा चौहान ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया और अपने लोगों के साथ बेस नदी के किनारे भोज के लिए पहुंचे | भोजन शुरू हुआ तभी दोस्त मोहम्मद खान और उनके लोगों ने टेंट काटकर उन सभी लोगों का गला रेत डाला| जहां इसने राजपूतो को हलाल किया उस जगह का नाम आज भी हलाली है और अफसोस वहां हलाली डैम भी बना हुआ है । इसके बाद दोस्त मोहम्मद खान ने जगदीशपुर पर कब्जा किया और उसका नाम इस्लाम नगर कर दिया था|
१ feb २०२३ को मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने जगदीशपुर का नाम पुनः स्थापित कर दिया है तथा इस्लामनगर के नाम को अब बदल दिया गया है ।
